Verse 13.4

तत्क्षेत्रं यच्च यादृक्च यद्विकारि यतश्च यत् |
स च यो यत्प्रभावश्च तत्समासेन मे शृणु ||१३-४||

tatkṣetraṃ yacca yādṛkca yadvikāri yataśca yat .
sa ca yo yatprabhāvaśca tatsamāsena me śṛṇu ||13-4||

Meaning

।।13.4।।वह क्षेत्र जो है, जैसा है, जिन विकारोंवाला है और जिससे जो पैदा हुआ है; तथा वह क्षेत्रज्ञ भी जो है और जिस प्रभाववाला है, वह सब संक्षेपमें मेरेसे सुन।