Verse 12.20

ये तु धर्म्यामृतमिदं यथोक्तं पर्युपासते |
श्रद्दधाना मत्परमा भक्तास्तेऽतीव मे प्रियाः ||१२-२०||

ye tu dharmyāmṛtamidaṃ yathoktaṃ paryupāsate .
śraddadhānā matparamā bhaktāste.atīva me priyāḥ ||12-20||

Meaning

।।12.20।।जो मेरेमें श्रद्धा रखनेवाले और मेरे परायण हुए भक्त पहले कहे हुए इस धर्ममय अमृतका अच्छी तरहसे सेवन करते हैं, वे मुझे अत्यन्त प्रिय हैं।