मामुपेत्य पुनर्जन्म दुःखालयमशाश्वतम् |
नाप्नुवन्ति महात्मानः संसिद्धिं परमां गताः ||८-१५||
māmupetya punarjanma duḥkhālayamaśāśvatam .
nāpnuvanti mahātmānaḥ saṃsiddhiṃ paramāṃ gatāḥ ||8-15||
।।8.15।। महात्मालोग मुझे प्राप्त करके दुःखालय और अशाश्वत पुनर्जन्मको प्राप्त नहीं होते; क्योंकि वे परमसिद्धिको प्राप्त हो गये हैं अर्थात् उनको परम प्रेमकी प्राप्ति हो गयी है।